अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद: भारत में फ्यूजन ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पर 10वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (आईएसएफटी-2024) की मेजबानी जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए फरीदाबाद करेगा। यह सम्मेलन सोसायटी फार फ्यूजन आफ साईंस एंड टेक्नोलॉजी (एसएफएसटी) के संयुक्त तत्वावधान तथा देश एवं विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के सहयोग आयोजन किया जायेगा। आईएसएफटी थाईलैंड के अध्यक्ष प्रो. नेपेट वाटजनटेपिन तथा राजामंगलम युनिवर्सिटी आफ टेक्नोलाॅजली, सुवर्णभूमि, थाईलैंड के अध्यक्ष प्रो. प्रमुक उनाले खाका ने थाईलैंड के नोंथबुरी में 16 से 19 अगस्त, 2022 तक आयोजित किये जा रहे
आईएसएफटी-2022 के दौरान जे.सी. बोस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद (हरियाणा) कुलपति प्रो. एस.के. तोमर, कुलसचिव डाॅ. एस.के. गर्ग तथा भारत से आईएसएफटी के आयोजन अध्यक्ष प्रो नवीन कुमार को आईएसएफटी-2024 की मेजबानी सौंपी। जे.सी. बोस विश्वविद्यालय इससे पहले पहले वर्ष 2020 में 8वें आईएसएफटी सम्मेलन की सफल मेजबानी कर चुका है। इस अवसर पर कुलपति प्रो. एस.के. तोमर ने कहा कि विश्वविद्यालय के लिए फ्यूजन आफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पर 10वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी सम्मान की बात है। यह सम्मेलन अकादमिक एवं शोध संस्थानों, औद्योगिक विशेषज्ञों, प्रबंधकों, इंजीनियरों इत्यादि के लिए मंच उपलब्ध करवायेगा तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में मौजूदा चुनौतियों के लिए समाधान प्रदान करेगा।
सम्मेलन से शिक्षाविदों और उद्योग के बीच परस्पर सहभागिता को भी बढ़ावा मिलेगा। कुलपति ने बताया कि भविष्य की प्रौद्योगिकी का आधार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का सम्मिश्रण है। इसलिए, यह एक ऐसा विषय है, जिस पर व्यापक चर्चा और परस्पर संवाद की आवश्यकता है। इस अवसर पर बोलते हुए, आईएसएफटी-2024 सम्मेलन के अध्यक्ष प्रो. नवीन कुमार ने कहा कि फ्यूजन ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत 2011 में हुई थी और अब तक नौ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन भारत सहित अन्य देशों में आयोजित हो चुके है। इस सम्मेलन के आयोजन में 12 देशों की सहभागिता रहती है। प्रतिवर्ष सम्मेलन में लगभग 500 शोध पत्र एवं लेख प्राप्त होते है, जिस पर व्यापक चर्चा की जाती है।
उन्होंने बताया कि सोसायटी फॉर फ्यूजन ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी अकादमिक एवं अनुसंधान, उद्यम, इंजीनियरिंग जैसे पेशेवर से लोग का समूह है, जिनका उद्देश्य अंतःविषय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देना है। सोसाइटी शिक्षा और उद्योग के बीच परस्पर सहभागिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व के वैज्ञानिक प्रयासों में व्यवस्थित अध्ययन और अनुसंधान करती है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में इंजीनियरिंग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अभूतपूर्व तरक्की हुई है। इस तरक्की के साथ तालमेल बनाये रखने के लिए उद्देश्य से ही विज्ञान और प्रौद्योगिकी के फ्यूजन पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन समय की आवश्यकता है।
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